अमित शाह ने संसद भवन की कैंटीन में जेपी नड्डा के साथ दोसा और सैंडविच का स्वाद लिया

Published Date: 21-03-2025

घर का बना खाना पसंद करने के लिए मशहूर गृह मंत्री अमित शाह ने आज संसद भवन स्थित राज्यसभा कैंटीन में खाना खाया। इस मौके पर उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, रवनीत बिट्टू और सुरेंद्र नागर के साथ-साथ कई अन्य सांसद भी मौजूद थे। अमित शाह ने दोपहर के भोजन में डोसा, सैंडविच का लुत्फ उठाया और पूरी सब्जी, पापड़ी चाट और रागी लड्डू का भी स्वाद चखा। शाह के साथ आए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी डोसा खाया। कैंटीन में भोजन करते हुए अमित शाह ने संसद कैंटीन में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की सराहना की और इसकी किफ़ायती कीमत पर टिप्पणी की।

लंच के बाद अमित शाह ने ब्लैक कॉफी का लुत्फ उठाया। कई सांसदों ने खाने का खर्च उठाने की इच्छा जताई, लेकिन अमित शाह ने उनकी पेशकश ठुकरा दी। आखिरकार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सभी के खाने का बिल खुद ही चुकाने का जिम्मा उठाया। वहीं, लंच के दौरान कई विपक्षी सांसदों ने भी अमित शाह से मुलाकात की। जयराम रमेश के साथ जया बच्चन भी मौजूद थीं। लंच के दौरान अमित शाह ने वहां मौजूद सांसदों और मंत्रियों से बिहार और दूसरे मुद्दों पर हल्की-फुल्की चर्चा की। अमित शाह ने इससे पहले राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दिया।  राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान शाह ने अगले साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया। गृह मंत्रालय के संचालन के बारे में अपनी टिप्पणी में अमित शाह ने मंत्रालय की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में की गई पहल आजादी के बाद से अभूतपूर्व हैं। राज्यसभा में अपने संबोधन में अमित शाह ने आतंकवाद के प्रति मोदी प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 370 मूल रूप से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के मुद्दे से जुड़ा हुआ था। उन्होंने संविधान के निर्माताओं के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अनुच्छेद 370 के भीतर ही इसे हटाने की नींव रखी।

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