रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि मॉस्को एक ऐसे समझौते पर काम कर सकता है जिससे ईरान शांतिपूर्वक अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रख सके और इजराइल की सुरक्षा चिंताओं का भी समाधान हो जाए।
एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए पुतिन ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “यह एक संवेदनशील मुद्दा है, लेकिन मेरे विचार से इसका समाधान हो सकता है।”
रूसी राष्ट्रपति ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने अपना प्रस्ताव ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका को भेज दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम किसी पर भी कुछ भी नहीं थोप रहे हैं। हम सिर्फ यह बात करना चाहते हैं कि इस स्थिति में क्या रास्ता निकाला जा सकता है। कोई भी अंतिम निर्णय इन देशों के नेतृत्व को ही लेना है।”
पश्चिम एशियाई देशों के साथ रूस के अच्छे संबंध हैं, जो उसे ईरान और इजराइल के मामले में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली मध्यस्थ बना सकते हैं। पिछले हफ्ते पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी फोन पर बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, ट्रंप ने उन्हें पहले रूस-यूक्रेन युद्ध में संघर्ष विराम पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी।
सेंट पीट्सबर्ग में आयोजित इंटरनेशनल इकॉनोमिक फोरम के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस के ईरान के साथ मजबूत संबंध हैं और रूस ने ही ईरान के बुशेहर में पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में मदद की थी। वर्तमान में, रूस के लगभग 200 कर्मचारी बुशेहर में दो अन्य परमाणु संयंत्रों के निर्माण में ईरान की सहायता कर रहे हैं।
इस दौरान पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ की और यूक्रेन में शांति स्थापित करने के उनके प्रयासों का समर्थन किया। पुतिन ने यह भी माना कि अगर ट्रंप 2022 में सत्ता में होते तो शायद रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध नहीं होता। उन्होंने कहा कि रूस युद्धविराम के लिए यूक्रेन के साथ बातचीत करने को तैयार है, लेकिन उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की वैधता पर सवाल उठाए, जिनका कार्यकाल पिछले साल ही समाप्त हो चुका है।


