इंडिया गठबंधन ने बिहार में विशेष गहन समीक्षा (SIR) के मुद्दे पर आज संसद के मकर द्वार पर बड़ा प्रदर्शन किया। इस विरोध में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। यह प्रदर्शन बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ था, जिसे विपक्ष ने गरीबों और वंचितों के वोटिंग अधिकारों पर हमला बताया।
SIR प्रक्रिया पर क्यों हो रहा विरोध?
विपक्ष का कहना है कि बिहार में SIR (Special Intensive Review) प्रक्रिया जल्दबाजी में शुरू की गई है, जिससे मतदाता सूची में कई गलतियां हो सकती हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह प्रक्रिया गरीबों, दलितों और प्रवासी मजदूरों को वोट देने से रोकने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग मिलकर बिहार में मतदाताओं को भ्रमित कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने भी इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताया और कहा कि यह प्रक्रिया एनडीए को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है।
प्रदर्शन में क्या हुआ?
संसद के मकर द्वार पर सुबह 11 बजे के आसपास शुरू हुए इस प्रदर्शन में विपक्षी नेताओं ने नारे लगाए और बिहार में SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की। प्रियंका गांधी ने कहा कि बिहार की जनता को उनके वोट का अधिकार छीनने की कोशिश नहीं होने दी जाएगी। प्रदर्शन में आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियां और अन्य महागठबंधन सहयोगी शामिल थे। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर SIR प्रक्रिया नहीं रुकी, तो पूरे बिहार में और बड़े प्रदर्शन होंगे।
जनता के लिए इसका क्या मतलब?
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची में बदलाव हो सकते हैं। विपक्ष का दावा है कि इससे गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग वोट डालने से वंचित हो सकते हैं। इस प्रदर्शन के जरिए इंडिया गठबंधन ने जनता को जागरूक करने की कोशिश की है कि वे अपनी मतदाता सूची जांच लें और अपने वोटिंग अधिकार की रक्षा करें।


