यमुनानगर: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जगाधरी -यमुनानगर शाखा की ओर से प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम सरकार द्वारा लंबे समय से लंबित भुगतानों और योजना में व्याप्त प्रशासनिक एवं बजट खामियों के समाधान मे विफलता के विरोध में उठाया गया है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का मूल उद्देश्य गरीब एवं वंचित वर्ग के लिए चिकित्सा खर्च रात दिलाना था जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डॉक्टर और अस्पताल सेवा भाव से योगदान देने को तैयार थे लेकिन हरियाणा में सरकारी अधिकारियों के रवैये ने इस योजना की आत्माएं ही निकाल दी सरकार मुफ्त की वाहवाही लूटना चाहती है. जबकि डॉक्टर और अस्पतालों को उधारी पर काम करना पड़ रहा है. दवाइयां और टेस्टों के पैसे भी पूरे नहीं हो पाते जिससे गरीबों का इलाज असंभव हो गया है.
मेडिकल एसोसिएशन ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य समस्या लंबित भुगतान है हरियाणा में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले अस्पतालों का सरकार पर लगभग 490 से 500 करोड रुपए बकाया है मार्च 2025 मे इन अस्पतालों को सरकार के दावो का नाम मात्र ही भुगतान मिल पाया है. पिछले कई महीनो से भुगतान न के बराबर हुए हैं जिसे अस्पतालों का संचालन करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. अस्पतालों के पास स्टाफ की सैलरी और बिजली बिल तक देने के पैसे नहीं बचे जिससे छोटे अस्पताल बंद होने के कगार पर है. डॉक्टर को कहना है कि सरकार ने 6 अगस्त 2025 को सूचित किया कि उन्हें 245 करोड रुपए मिले हैं जिसमें से 150 करोड़ हरियाणा सरकार के और 70 करोड़ केंद्र सरकार के हिस्से के हैं उन्होंने इसे वितरित करना शुरू कर दिया है जबकि मेडिकल एसोसिएशन ने इसे अपर्याप्त धनराशि बताया.
उन्होंने बताया कि अब अधिकांश आयुष्मान प्रोसीजर सरकारी अस्पतालों में किया जा रहे हैं जहां पहले से ही इलाज मुफ्त था ऐसा करने से आयुष्मान योजना का मजाक बन गया है जबकि किसका उद्देश्य गरीबों को निजी अस्पतालों में बेहतर सुविधा देना था.
डॉक्टरों ने सरकार से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई करें सभी लंबित भुगतानों को शीघ्र भुगतान करें और योजना में सुधार लाएं ताकि आयुष्मान भारत योजना अपने वास्तविक स्वरूप में गरीबों की मदद कर सके. डॉक्टर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार इलाज न करने पर किसी अस्पताल पर कार्रवाई करती है तो जिले के सभी पैनल अस्पताल इस योजना को छोड़ देंगे. इस अवसर पर डॉ लोकेश गर्ग, डॉ ईश चड्डा, डॉ राजेश बंसल, डॉ प्रशांत गर्ग, डॉ दिनेश गोयल, डॉ एस एल बंसल, डॉ गुरजिंदर सहित अन्य सभी डॉक्टर मौजूद थे.


