नई दिल्ली-: देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साहसी पैरोकार के रूप में पहचाने जाने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए।
नई दिल्ली स्थिति कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पटका पहनाकर उन्हें पार्टी में विधिवत रूप से शामिल कराया। इस अवसर पर मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा, एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार, कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल, विधायक जिग्नेश मेवाणी भी उपस्थित रहे।

गोपीनाथन का स्वागत करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उनका कांग्रेस में शामिल होना स्पष्ट संदेश है कि यह एकमात्र ऐसी पार्टी है जो न्याय के लिए लड़ रही है।
वेणुगोपाल ने बताया कि गोपीनाथन ने 2019 में इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि न्याय और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए लड़ने वाले नौकरशाहों को मोदी सरकार द्वारा दंडित किया जा रहा है। यह प्रवृत्ति हरियाणा और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। यहां तक कि भारत के मुख्य न्यायाधीश भी इन हमलों से अछूते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस विभाजनकारी एजेंडे के खिलाफ लड़ने का यह सही समय है।
पवन खेड़ा ने बताया कि गोपीनाथन 2012 बैच के आईएएस अधिकारी थे। देश में जिस समय बोलना लगभग नामुमकिन था, तब उन्होंने आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि गोपीनाथन ने जम्मू कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने और हितधारकों से परामर्श किए बिना लिए गए अन्य संबंधित फैसलों के विरोध में अपनी आवाज उठाई थी एवं अपनी नौकरी छोड़ दी थी। जबकि उनके कुछ आईएएस साथी इस्तीफ देने के बाद डरकर वापस नौकरी में चले गए।
खेड़ा ने वीवीपैट और सीएए-एनआरसी के मुद्दों पर भी गोपीनाथन के बेधड़क होकर बोलने की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कई एफआईआर और तमाम कार्रवाइयों का सामना किया, लेकिन वे डरे नहीं।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए कन्नन गोपीनाथन ने बताया कि जब 2019 में उन्होंने इस्तीफा दिया तो उन्हें यह स्पष्ट था कि सरकार जिस दिशा में देश को लेकर जाना चाहती है, वो दिशा गलत है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी पता था कि उन्हें इसके खिलाफ लड़ना है, लेकिन सही विकल्प को लेकर स्पष्टता की आवश्यकता थी। इस उद्देश्य से उन्होंने 80-90 जिलों की यात्रा की, लोगों से बात की और अनेक नेताओं से मुलाकात की। इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह समझ में आया कि केवल कांग्रेस पार्टी ही वह ताकत है जो भारत को सही दिशा में ले जा सकती है।
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने को देश की आलोचना के समान माना जा रहा है और सवाल पूछने वालों को देशद्रोही ठहराया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से जुड़ने पर खुशी जताई और कहा कि पार्टी द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी को वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।


