नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी देने की कोशिश की है। किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए खजाना खोलते हुए सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
‘भारत–विस्तार’ एआई टूल से स्मार्ट बनेंगे किसान
खेती-किसानी को हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने ‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR) कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह एक बहुभाषी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल होगा, जो किसानों को उनकी अपनी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराएगा। इस तकनीक की मदद से किसान फसल और मौसम से जुड़े बेहतर और सटीक फैसले ले सकेंगे, जिससे उनकी उत्पादकता में सीधा इजाफा होगा और खेती मुनाफे का सौदा बनेगी।
पशुपालन में लोन सब्सिडी और मछली पालन को बूस्टर डोज
पशुपालकों के लिए सरकार ने लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत पशुधन उद्यमों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं, नीली क्रांति को गति देने के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत करने की योजना है, जिससे मछुआरों की आमदनी बढ़ सके और उन्हें बेहतर बाजार मिल सके।
काजू–नारियल बनेंगे ग्लोबल ब्रांड, चंदन की वापसी पर जोर
तटीय और पहाड़ी इलाकों की खेती को नई पहचान देने के लिए विशेष घोषणाएं की गई हैं। भारतीय काजू और कोको को वैश्विक स्तर पर एक बड़ा ब्रांड बनाने के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए ‘नारियल संवर्धन योजना’ लागू की जाएगी। इसके अलावा, भारतीय चंदन की पुरानी गरिमा को लौटाने के लिए राज्य सरकारों के सहयोग से काम किया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अखरोट और बादाम की पैदावार बढ़ाने हेतु विशेष कार्यक्रम शुरू करने का भी प्रस्ताव है।
स्टार्टअप्स और महिला शक्ति को मिलेगा बाजार
ग्रामीण महिलाओं और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के लिए उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने की पहल की गई है। महिलाओं की अगुवाई वाले समूहों को मार्केट लिंकेज का लाभ मिलेगा, जिससे उनके उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, बजट में दिव्यांगों के सशक्तिकरण पर भी फोकस किया गया है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके।


