पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन

Published Date: 23-02-2026

72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, कोमा में थे

कोलकाता: पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है। रात करीब 2.35 के आसपास निधन हुआ है। मुकुल राय 72 साल के थे। वे लंबे समय से कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती थे। मुकुल रॉय पिछले कुछ महीनों से कोमा में थे। डॉक्टरों ने बताया कि अनुभवी टीएमसी नेता की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है।

पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण मुकुल रॉय सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे। डॉक्टरों ने 2023 की शुरुआत में पुष्टि की थी कि वे डिमेंशिया और पार्किंसंस बीमारी से जूझ रहे थे। इसके चलते उनके भूलने और शारीरिक क्षमताएं काफी हद तक प्रभावित हुई थीं।

TMC में वे लंबे समय तक ममता बनर्जी के बाद नंबर-2 माने जाते थे। उन्हें पार्टी का क्राइसिस मैनेजर और रणनीतिकार कहा जाता था। वे चुनावी रणनीति बनाने, संकटों से निपटने और पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते थे।

2010 के दशक में TMC के साथ उनके रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें नेशनल जनरल सेक्रेटरी पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में उन्होंने TMC से इस्तीफा दे दिया और नवंबर 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। हालांकि, जून 2021 में वे फिर TMC में फिर लौट आए थे।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘बंगाल के चाणक्य’ कहे जाने वाले मुकुल रॉय के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। उनके जाने से TMC और बंगाल की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।

पूर्व रेल मंत्री और टीएमसी नेता मुकुल रॉय के निधन पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, ‘वह एक अनुभवी राजनीतिज्ञ थे। केंद्रीय मंत्री भी रहे। भाजपा में आने पर उन्हें बहुत सम्मान दिया गया। 2019 से 2021 तक वह हमारे साथ रहे। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़ दी और दोबारा टीएमसी में चले गए। पिछले दो-तीन वर्षों से वह बीमार थे और राजनीति में सक्रिय नहीं थे। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’

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