आज के समय में आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है, जिसकी जरूरत लगभग हर सरकारी और निजी कार्य में पड़ती है। बैंक खाता खुलवाने से लेकर सिम कार्ड खरीदने तक और पेंशन से लेकर गैस सब्सिडी प्राप्त करने तक, हर जगह आधार कार्ड की मांग होती है। हालांकि, इसकी बढ़ती उपयोगिता के साथ ही इससे जुड़ा धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ गया है। आजकल जालसाज दूसरों के आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी लोन ले रहे हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है या आप इस खतरे से बचना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आप अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं।
कैसे पता करें कि आपके आधार पर लोन लिया गया है या नहीं?
अपने आधार कार्ड पर लिए गए किसी भी अनधिकृत लोन के बारे में जानने का सबसे आसान तरीका है अपनी CIBIL रिपोर्ट की जांच करना। आप सिबिल या अन्य क्रेडिट ब्यूरो जैसे कि एक्सपीरियन, सीआरआईएफ हाई मार्क या इक्विफैक्स की वेबसाइट पर जाकर अपना क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- वेबसाइट www.cibil.com पर जाएं।
- “फ्री CIBIL रिपोर्ट” के लिए साइन अप करें।
- अपने आधार कार्ड या पैन कार्ड का उपयोग करके लॉग इन करें।
- अपनी पूरी लोन हिस्ट्री देखें।
- यदि आपको कोई ऐसा लोन दिखाई देता है जो आपने नहीं लिया है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
बिना ओटीपी के कैसे हो सकता है आधार से फ्रॉड?
आमतौर पर आधार से संबंधित कोई भी लेनदेन ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड), फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान के माध्यम से ही होता है। हालांकि, कई बार धोखेबाज बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग करके फर्जी तरीके से लोन प्राप्त कर लेते हैं। साइबर कैफे, दुकानों या स्थानीय केंद्रों पर दिए गए आपके फिंगरप्रिंट कभी-कभी असुरक्षित रूप से सहेजे जा सकते हैं, जिनका इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से लोन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सकता है।
अपने आधार डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके:
अपने आधार डेटा को सुरक्षित रखने के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- यूआईडीएआई (UIDAI) की वेबसाइट पर जाकर बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक विकल्प को सक्रिय करें। इससे आपकी अनुमति के बिना कोई भी आपके बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग नहीं कर पाएगा।
- अपने आधार डेटा को हर 6 महीने में अपडेट करें।
- कभी भी अपने आधार कार्ड की प्रतिलिपि किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
- हमेशा मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar), जिसमें आपके आधार के केवल अंतिम चार अंक दिखाई देते हैं, का ही उपयोग करें।
धोखाधड़ी की शिकायत कहां और कैसे करें?
अगर आपको संदेह है कि आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग हुआ है, तो तुरंत निम्नलिखित कार्रवाई करें:
- यूआईडीएआई हेल्पलाइन नंबर 1947 पर कॉल करें।
- साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
- अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएं।
- संबंधित बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) को भी तुरंत सूचित करें।
भविष्य में धोखाधड़ी से बचने के उपाय:
- साल में कम से कम दो बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच जरूर करें।
- एमआधार (mAadhaar) ऐप का उपयोग करके अपने आधार को स्वयं नियंत्रित रखें।
- अपने आधार से लिंक किए गए मोबाइल नंबर को हमेशा सक्रिय रखें।
- जहां तक हो सके, आधार वर्चुअल आईडी (VID) का उपयोग करें।


