प्रशासन ने यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक, हाईवे और ट्रेन सेवाएं बाधित
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब कहर बनकर टूट रही है। मंगलवार को रियासी जिले में श्री माता वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग पर अर्धकुवारी के पास एक भोजनालय के नज़दीक भारी भूस्खलन हो गया। इस घटना में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के फौरन बाद प्रशासन ने यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया, “अर्धकुवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन की घटना हुई है, कुछ लोगों के घायल होने की आशंका है। आवश्यक जनशक्ति और मशीनरी के साथ बचाव कार्य जारी है। जय माता दी।”
हादसे के वक्त 15 लोग थे मौजूद- प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस समय यह भूस्खलन हुआ, उस वक्त घटनास्थल पर 12 से 15 यात्री मौजूद थे। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा मलबे के साथ नीचे आ गिरा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 6 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया है। बचाव दल मौके पर मौजूद है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि मलबे में कोई और न फंसा हो।
पूरे जम्मू संभाग में बारिश से बिगड़े हालात– यह भूस्खलन भारी बारिश के कारण बिगड़ते हालात का एक हिस्सा है। पूरे जम्मू संभाग में लगभग सभी प्रमुख नदियां और नाले खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रहे हैं। भूस्खलन और खराब मौसम के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
डोडा जिले में बादल फटने की घटना के बाद कई जगहों पर पहाड़ खिसक गए हैं, जिसमें 3 से 4 लोगों की मौत की खबर है। अत्यधिक वर्षा और सुरक्षा चिंताओं के कारण उत्तर रेलवे ने 10 से अधिक यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक अपनी टीमों के साथ पठानकोट में कैंप कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया है, जिससे उपयोगकर्ता इंटरनेट और कॉलिंग सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है और आपदा प्रबंधन की टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।


