अमृतसर: थाना सी डिवीजन, अमृतसर में दर्ज मुकदमा नंबर 168 (दिनांक 17 दिसंबर 2025) के तहत स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बुधवार को बंगा के नजदीक गांव मजारा नौ आबाद स्थित रसोखाना राजा साहिब नाभा कलां में जांच की। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 295, 295-ए, 409, 465 और 120-बी के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
SIT की टीम ने मौके पर पहुंचकर पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों की धार्मिक मर्यादा के अनुसार जांच की। इस दौरान प्रबंधक कमेटी के सदस्यों और ग्रंथी सिंहों की मौजूदगी में पहले अरदास की गई, इसके बाद मर्यादा अनुसार पावन स्वरूपों की गिनती और पड़ताल की गई।
जांच में सामने आया कि रसोखाना परिसर में कुल 169 पावन स्वरूप मौजूद हैं। इनमें से 30 पावन स्वरूप ऐसे पाए गए, जिन्हें पहले एसजीपीसी द्वारा मांग के अनुसार संबंधित गुरुद्वारों को उपलब्ध कराया गया था। इनमें 10 पावन स्वरूप गुरुद्वारा साहिब पातशाही सातवीं, गांव दुसांझ खुर्द (जिला एस.बी.एस. नगर) और 20 पावन स्वरूप गुरुद्वारा साहिब गांव मजारा नौ आबाद के नाम पर जारी किए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि ये पावन स्वरूप संबंधित गुरुद्वारों में स्थापित होने के बजाय रसोखाना राजा साहिब नाभा कलां में रखे हुए थे।
वहीं, शेष 139 पावन स्वरूपों के संबंध में रसोखाना राजा साहिब नाभा कलां की प्रबंधक कमेटी के पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाया गया। इस बाबत प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। SIT अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और सभी तथ्यों की विस्तृत पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


